छत्तीसगढ़रायपुर

नई प्रथाओं की शुरुआत कर मनाया गया आजादी का पर्व

नगरी. नगरी सेजेस सिंगपुर ,मगरलोड में आजादी का पर्व कुछ अलग अंदाज में मनाया गया। एस. एम.डी.सी.,ग्राम पंचायत एवम पालकों की उपस्थिति में प्रभात फेरी ,ग्राम भ्रमण, ध्वजारोहण सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन पारम्परिक रूप से सम्पन्न हुआ ही इसके अतिरिक्त एस .एम.डी. , ग्राम पंचायत के सदस्य तथा पालकों ने कम्युनिटी किचन के संचालन का संकल्प लेकर विद्यालय में नवाचार को प्रोत्साहित किया। विद्यालय के प्राचार्य के आग्रह पर पालकों ने इस बात को भली भांति समझा कि विद्यालय केवल बच्चों के पढ़ने का केंद्र मात्र नहीं है बल्कि यह समूचे समुदाय के उत्सव का केंद्र है जैसा कि एन. ई.पी. में उल्लेख किया गया है। अतः विद्यालय को जन चेतना का केंद्र बनाने हेतु कम्युनिटी किचन के माध्यम से पूरे पालकों को विद्यालय से जोड़ने का काम किया जाएगा। पालक अपने बच्चे का जन्म दिन ,स्वयम का जन्म दिन,वैवाहिक वर्ष गॉंठ, प्रियजन की स्मृति में होने वाले कार्यक्रम को विद्यालय में आकर मनाएंगे।कम्युनिटी किचन के माध्यम से बच्चों को नेवता भोज,सहभोज कराने का कार्य सतत चलेगा। ऐसा करने के पीछे मकसद यह है कि विद्यालय एवम समुदाय के बीच मजबूत रिश्ता बना रहे। कम्युनिटी किचन के माध्यम से आम पालकों के लिए,शैक्षिक गोष्ठी,चर्चा परिचर्चा,सेमिनार का कार्यक्रम भी आयोजित किया जाएगा।

ग्रामीण क्षेत्र के बच्चे खासकर आदिवासी बच्चे तकनीकी शिक्षा में पिछड़ जाते हैं। शहरी और ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों के बीच एक गहरी खाई बन जाती है। इस खाई को पाटने के लिए पालकों ने विद्यालय को दो कम्यूटर सेट भेंट किया ताकि उनके बच्चों को भी तकनीकी शिक्षा मिल सके। पालकों ने नवाचारी प्रयास के अंतर्गत विद्यालय की सतत मानिटरिंग,बच्चों का मूल्यांकन और रात्रि में बच्चों की पढ़ाई लिखाई पर निगरानी करने के लिए सक्रिय शिक्षा प्रहरी के रूप में कार्य करने का निर्णय लिया। उपरोक्त तीनों योजना को प्रभावी बनाने के लिए सैकड़ों पालकों ने दृढ़ प्रतिज्ञा लेकर कार्य करने का संकल्प लिया। विद्यालय के प्राचार्य तथा शिक्षकों ने पालकों की इस पहल की सराहना की है। इन तीनों योजना के क्रियान्वयन की रणनीति बनाने में एस एम डी सी अध्यक्ष डिगेंद्र निर्मलकर, सरपंच लोमेश्वर साहू,विद्यालयीन समिति के सदस्य अर्चना ध्रुव,गोपीकिशन,भूपेंद्र यादव,कन्हैया राम,दुलसिंह मरकसम,मुकेश्वरी कौशल,गायत्री सिन्हा,यामिनी यादव,राकेश्वरी मरकाम,कीर्ति सिंह,खम्मन बाई कमार,अनिल सेन एवम पुनेश्वर महिलांग का विशेष योगदान है। आने वाले दिन में इसका सकारात्मक प्रभाव विद्यालय में दिखाई देगा।

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