सुशासन तिहार का प्रचार फेल, ग्रामीणों तक नहीं पहुंच रही जानकारी
कागजों में ही सीमित अभियान, शिविरों से पहले ही व्यवस्था पर उठे सवाल
अम्बागढ़ चौकी/मोहला-मानपुर। शासन की महत्वाकांक्षी पहल सुशासन तिहार 2026 का प्रचार-प्रसार जमीनी स्तर पर कमजोर नजर आ रहा है। प्रशासन द्वारा बड़े स्तर पर शिविर आयोजित करने और आम जनता तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने का दावा किया जा रहा है, लेकिन हकीकत इससे अलग दिखाई दे रही है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया गया था कि 1 मई से 10 जून के बीच जिले में 17 शिविर लगाए जाएंगे और आम लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान किया जाएगा । इसके बावजूद ग्रामीण क्षेत्रों में अब तक इस अभियान की पर्याप्त जानकारी नहीं पहुंच पाई है। कई गांवों में लोगों को न तो शिविर की तारीख पता है और न ही आवेदन प्रक्रिया की जानकारी है।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि प्रचार-प्रसार सही तरीके से होता तो अधिक लोग अपनी समस्याएं लेकर शिविर तक पहुंच पाते। वहीं, स्थानीय स्तर पर मुनादी, पोस्टर और जनसंपर्क की कमी साफ दिखाई दे रही है। प्रशासन द्वारा “सरकार आपके द्वार” की बात तो कही जा रही है, लेकिन जमीनी स्तर पर इसका असर कमजोर दिख रहा है।
सूत्रों के अनुसार, कई विभागों के नोडल अधिकारियों ने भी प्रचार को गंभीरता से नहीं लिया, जिससे अभियान की जानकारी सीमित दायरे में ही रह गई। ऐसे में यह आशंका जताई जा रही है कि शिविरों में अपेक्षित संख्या में आवेदन नहीं पहुंच पाएंगे।
यदि समय रहते प्रचार-प्रसार में सुधार नहीं किया गया तो सुशासन तिहार का उद्देश्य अधूरा रह सकता है और यह अभियान केवल औपचारिकता बनकर रह जाएगा।



