विश्व आदिवासी दिवस पर आदिवासी समाज ने संस्कृति, परंपरा और अधिकारों के संरक्षण का लिया संकल्प

मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी। 9 अगस्त को विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर अम्बागढ़ चौकी में आदिवासी समाज द्वारा विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन कर अपनी समृद्ध संस्कृति, परंपरा और सामाजिक विरासत को सहेजने का संदेश दिया गया।साथ ही विभिन मांगों को लेकर महामहिम राष्ट्रपति के नाम तहसीलदार को ज्ञापन भी सौंपा गया।

इस दौरान पारंपरिक वेशभूषा, लोकनृत्य, लोकगीत एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से आदिवासी समाज की विशिष्ट पहचान और गौरव को प्रदर्शित किया गया। कार्यक्रम में आदिवासी समाज के इतिहास, संस्कृति, परंपराओं और संवैधानिक अधिकारों पर चर्चा करते हुए नई पीढ़ी को अपनी जड़ों और सांस्कृतिक विरासत से जुड़े रहने का संदेश दिया गया। वक्ताओं ने कहा कि आदिवासी समाज की पहचान केवल उसकी परंपराओं में ही नहीं, बल्कि जल, जंगल और जमीन से उसके गहरे संबंध में भी निहित है।

इस अवसर पर शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, सामाजिक न्याय और आदिवासी अधिकारों के संरक्षण को लेकर भी जागरूकता का संदेश दिया गया। समाज के लोगों ने कहा कि विकास के साथ-साथ आदिवासी संस्कृति, भाषा, परंपरा और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण पर भी विशेष ध्यान दिया जाना जरूरी है।

विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर समाज के लोगों ने एकजुट होकर अपनी सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने तथा आने वाली पीढ़ियों तक अपनी परंपराओं और विरासत को पहुंचाने का संकल्प लिया।



