गुड्डा-गुड़िया की शादी में बच्चों की अनोखी खुशी, पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ हुआ आयोजन

अम्बागढ़ चौकी। नगर में बच्चों द्वारा आयोजित गुड्डा-गुड़िया की शादी ने सभी का मन मोह लिया। छोटे-छोटे बच्चों ने पूरे उत्साह और उमंग के साथ इस पारंपरिक खेल को शादी के रूप में मनाया, जिसमें स्थानीय रीति-रिवाजों की झलक साफ देखने को मिली।
शादी के लिए बच्चों ने घर के आंगन में सुंदर मंडप सजाया। पत्तों और रंगीन सजावट के बीच मिटटी से बने गुड्डा-गुड़िया को दूल्हा-दुल्हन की तरह तैयार किया गया। दीपक जलाकर, हल्दी-कुमकुम और चावल से पूजा-अर्चना की गई। बच्चों ने मिलकर बारात, स्वागत और फेरे जैसी रस्मों का भी पूरा ध्यान से निभाया।
इस आयोजन में बड़े-बुजुर्गों ने भी बच्चों का उत्साह बढ़ाया और उनकी इस रचनात्मकता की सराहना की। ग्रामीण परिवेश में इस तरह के खेल बच्चों को संस्कार, परंपरा और सामाजिक रीति-रिवाजों की जानकारी देने का माध्यम बनते हैं।
गुड्डा-गुड़िया की यह शादी न केवल बच्चों के लिए मनोरंजन का साधन बनी, बल्कि समाज में पारंपरिक संस्कृति को जीवित रखने का एक सुंदर उदाहरण भी प्रस्तुत किया।



